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मॉस्को को ‘रिंग्स सिटी’ क्यों कहा जाता है?

Sergey Ryzhikov/Roscosmos
राजधानी का नक्शा देखते ही लग सकता है कि यहां के आर्किटेक्ट्स और इंजीनियर्स को सदियों से सिर्फ एक ही चीज़ पसंद थी, गोल घेरे बनाना! चलिए, इन्हें साथ मिलकर गिनते हैं।

 

1600-1605 का मॉस्को का नक्शा।
Max Alpert / Sputnik

सीधी भाषा में कहें तो, मॉस्को धीरे-धीरे गोल घेरों की तरह फैलता गया। शुरुआत में क्रेमलिन के आसपास व्यापारी, कारोबारी और कारीगर आकर बस गए। फिर इन इलाकों को किलेबंदी से घेर दिया गया। बाद में इनके आसपास विकसित हुए नए इलाकों को भी किलेबंद कर दिया गया। और इस तरह मॉस्को का यह अनोखा नक्शा तैयार हुआ।

बुलेवार्ड रिंग रोड

चिस्तोप्रुदनी बुलेवार्ड
Ivan Egorov's archive

16वीं सदी के अंत तक मॉस्को एक बड़ा व्यापारिक शहर बन चुका था। तथाकथित ‘व्हाइट वॉल’ ‘पोसाद’ (शहर के आसपास बसी बस्तियां), मठों और बगीचों को घेरती थी। 18वीं सदी के अंत में इस दीवार की जगह पेड़ों से घिरी चौड़ी सड़कें बन गईं, यही वह 9 किलोमीटर लंबा बुलेवार्ड रिंग है, जिसे हम आज जानते हैं।

त्वेर्स्कोय बुलेवार्ड
Sergei Pyatakov / Sputnik

गार्डन रिंग रोड

पुनर्निर्माण से पहले ज़ेमलियानोय वाल
Museum of Moscow

बाद में, आसपास के गांवों को मॉस्को में शामिल किया जाने लगा और नए इलाकों की सीमा मिट्टी की एक ऊंची दीवार से तय की गई। आज भी मॉस्को में इसी नाम की एक सड़क मौजूद है। 1812 में मॉस्को में लगी भीषण आग के बाद, पुरानी किलेबंदी की जगह चौड़ी सड़क और उसके किनारे सामने की ओर बगीचे बनाने की योजना बनाई गई। समय के साथ यही सड़क 15.6 किलोमीटर लंबे गार्डन रिंग में बदल गई।

1825 का मॉस्को का नक्शा
Mikhail Uspensky / Sputnik

थर्ड ट्रांसपोर्ट रिंग रोड

Albert Garnelis / TASS

19वीं सदी के मध्य तक मॉस्को के चारों ओर बनी तीसरी रिंग शहर की सीमा तय करती थी। उस समय इसे ‘कामेर-कोलेज़्स्की वाल’ कहा जाता था। आज इसी इलाके से 1990 के दशक में बनी 35 किलोमीटर लंबी थर्ड ट्रांसपोर्ट रिंग गुजरती है। कुछ समय पहले तक मॉस्को में फोर्थ रिंग रोड बनाने की भी योजना थी, लेकिन बाद में इसकी जगह रेडियल हाईवे बनाने का फैसला किया गया।

मॉस्को की सर्कल मेट्रो लाइनें

1976 में मॉस्को मेट्रो
Viktor Koshevoi / TASS

मॉस्को में दो अलग-अलग सर्कल मेट्रो लाइनें हैं! इनमें से पहली गार्डन रिंग रोड के आसपास के इलाके से गुजरती है और करीब 20 किलोमीटर लंबी है। इसके स्टेशन स्टालिनिस्ट एम्पायर स्टाइल की बेहतरीन मिसाल हैं। आप किसी भी स्टेशन पर उतर सकते हैं और सोवियत दौर की वास्तुकला को करीब से देख सकते हैं।

सोवियत काल में मॉस्को मेट्रो
Sputnik

दूसरी लाइन को दुनिया की सबसे लंबी सर्कल मेट्रो लाइन माना जाता है! यह करीब 57.5 किलोमीटर लंबी है और इसका लगभग पूरा हिस्सा जमीन के नीचे है। सोचिए, पूरे 57.5 किलोमीटर मेट्रो लाइन भूमिगत है!

मॉस्को सेंट्रल सर्कल

20वीं सदी की शुरुआत में मॉस्को सर्कुलर रेलवे
Public domain

मॉस्को में एक रेलवे रिंग भी मौजूद है। 1908 में शहर के केंद्र से कुछ किलोमीटर दूर मॉस्को सर्कुलर रेलवे बनाई गई थी। 2016 में इसी रेलवे के आधार पर मॉस्को सेंट्रल सर्कल (MCC) खोला गया। यह एक सुविधाजनक रूट है, जहां मेट्रो और उपनगरीय ट्रेनों के बीच आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है।

Artym Geodakyan / TASS

मॉस्को रिंग ऑटोमोबाइल रोड

1965 में MKAD
Sputnik

मॉस्को के चारों ओर बनी मोटरवे रिंग, यानी MKAD, करीब 108 किलोमीटर लंबी है और इसे 1962 में खोला गया था। 1980 के दशक तक MKAD को शहर की आधिकारिक सीमा माना जाता था। लेकिन आज मॉस्को के कई इलाके इसके बाहर तक फैल चुके हैं।

इसके अलावा, MKAD से 30 से 70 किलोमीटर दूर कुछ और रिंग रोड भी हैं। इनमें स्मॉल कंक्रीट रिंग रोड, लार्ज कंक्रीट रिंग रोड और सेंट्रल रिंग ऑटोमोबाइल रोड (TsKAD) शामिल हैं।

 

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