इस मॉस्को मेट्रो स्टेशन का नाम चार बार बदला जा चुका है!
यह स्टेशन 1935 में खोला गया था और इसका नाम पास की 'ओखोत्नी र्याद' सड़क पर रखा गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'शिकारियों की गली' — जहाँ कभी शिकार किए गए जानवरों का व्यापार होता था। लेकिन 1955 में, इस स्टेशन का नाम बदलकर 'इम. कागानोविच' (कागानोविच स्टेशन) रख दिया गया।
यह सोवियत राजनेता लज़ार कागानोविच ही थे, जिन्होंने स्टालिन के मॉस्को पुनर्निर्माण और पहली मेट्रो लाइनों के निर्माण का नेतृत्व किया था। 1935 से 1955 तक, राजधानी की मेट्रो उन्हीं के नाम पर थी और जब मेट्रो का नाम बदलकर लेनिन के नाम पर रखा गया, तो कागानोविच के नाम पर सिर्फ एक स्टेशन रह गया।
लेकिन 1957 में ही कागानोविच को सारे पदों से हटा दिया गया — और उनके नाम का कोई निशान नहीं रहा। कुछ सालों तक इस स्टेशन का पुराना नाम वापस आया, मगर 1961 में इसे 'प्रॉस्पेक्ट मार्क्सा' (मार्क्स प्रॉस्पेक्ट) कहा जाने लगा।
करीब तीस सालों तक यह स्टेशन जर्मन इकोनॉमिस्ट के नाम से जाना गया। 1990 में आकर 'ओखोत्नी र्याद' को अपना असली, ऐतिहासिक नाम वापस मिला।