स्पेन के घोंघे रूस कैसे पहुँचे?

Andreas Hauslbetz / Getty Images
Andreas Hauslbetz / Getty Images
अगर आप उन्हें अपने दाचा (मतलब कंट्री हाउस) में देखें, तो समझ लें कि ग्रीनहाउस में लगे खीरे अब आपके नहीं रहे! इनकी भूख का कोई अंत नहीं और ये इतनी तेज़ी से फैलते हैं कि इनका चलना भी धीमा लगे।

सेंट्रल रूस के बागवानों के लिए, यह कीड़ा अब कोई नई बात नहीं है, यह एक कड़वी सच्चाई है। स्पैनिश स्लग (Arion vulgaris) कई साल पहले यूरोप से रूस आए थे और तेज़ी से फैल रहे हैं।

इनके खतरनाक होने की दो ही वजहें हैं, इनकी भूख और इनकी तेज़ प्रजनन क्षमता। एक अकेला स्लग बसंत से पतझड़ तक एक साल से भी कम समय तक ज़िंदा रहता है, लेकिन उस दौरान वह 100 तक अंडे देता है। और क्योंकि घोंघे हर्माफ्रोडाइट होते हैं, इसलिए उन्हें किसी पार्टनर की भी ज़रूरत नहीं होती।

इनके फेवरेट फूड में खीरे, टमाटर, तोरी और मीठी स्ट्रॉबेरी (जो इनके लिए डेज़र्ट है) शामिल हैं। ये न सिर्फ़ सब्ज़ी के बगीचों में मिलते हैं, बल्कि घर के आँगन में भी मिल जाते हैं, जहाँ वे घास खाते हैं।

लोग इनसे निपटने के लिए "देसी" तरीके अपनाते हैं: कीड़ों को बोतलों में इकट्ठा करना, क्वास (ब्रेड से बना कम अल्कोहल वाला ड्रिंक) के साथ ट्रैप लगाना, ताकि घोंघे को नशा हो जाए, और ज़मीन पर नमक छिड़कना इत्यादि।

लेकिन, बस याद रखें: किसी भी हालत में आपको इन घोंघो को अपने नंगे हाथों से नहीं छूना चाहिए। इनके स्लाइम में पैरासाइट होते हैं।