मॉस्को मेट्रो की नई ‘डार्क ग्रे’ लाइन हुई शुरू
रुब्लियोवो-अरखान्गेल्स्काया मेट्रो लाइन मॉस्को की 17वीं लाइन बन गई है, जिसे नक्शे पर डार्क ग्रे रंग से दिखाया गया है।
पहले पाँच स्टेशन 5 सितंबर को खोले गए, जिससे नॉर्थ-वेस्ट इलाकों के 5.5 लाख निवासियों के लिए सेंटर आना-जाना आसान हो गया। पहले सेक्शन की लंबाई 8.7 किलोमीटर है।
अगले साल पाँच और स्टेशन खुलेंगे, जो 'मॉस्को सिटी' को नए 'स्बेरसिटी' और बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट से जोड़ेंगे।
'देलोवोई त्सेंत्र' (‘मॉस्को सिटी’ को सर्विस देने वाला ‘बिज़नेस सेंटर’)
यह स्टेशन पहले 'बिग सर्कल लाइन' की एक शाखा थी। यह एक बड़ा ट्रांसपोर्ट हब है, जहाँ से मॉस्को मेट्रो की 'सोल्त्सेव्स्काया' (येलो) और 'फिल्योव्स्काया' (लाइट ब्लू) मेट्रो लाइनों के साथ-साथ मॉस्को सेंट्रल सर्कल (MCC) और मॉस्को सेंट्रल डायमीटर (MCD) की पहली और चौथी लाइनों के लिए भी ट्रांसफर की सुविधा है। यहीं पर 'मॉस्को सिटी' की कई गगनचुंबी इमारतें और बिजनेस सेंटर स्थित हैं।
'शेलेपिखा'
यह स्टेशन भी पहले 'बिग सर्कल लाइन' का हिस्सा था। यह 'मॉस्को सिटी' के पास स्थित है। यहाँ यात्री MCC और MCD-1 में ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके इंटीरियर में मिनिमलिस्ट डिज़ाइन के साथ चमकीले रंगों का इस्तेमाल किया गया है।
‘ज़्वेनिगोरोदस्काया’
इस स्टेशन के पास ‘हार्ट ऑफ़ द कैपिटल’ पियर है, जहाँ इलेक्ट्रिक रिवर ट्राम रुकती हैं। स्टेशन का डिज़ाइन ज़्वेनिगोरोद नाम के पुराने रूसी शहर से प्रेरित है। स्टेशन के अंदर, आने वाले लोग शहर की खास जगहों को दिखाने वाले ब्रॉन्ज़ और पीतल के पैनल देख सकते हैं।
‘नारोदनोए ओपोलचेनिये’ (‘पीपल्स मिलिशिया’)
यह स्टेशन 'रुब्लियोवो-अरखान्गेल्स्काया' (डार्क ग्रे) और बिग सर्कल लाइन को जोड़ता है। इसके डिज़ाइन में द्वितीय विश्व युद्ध की थीम दिखती है: रूबी सितारे, मिलिशिया के नायक, और मॉस्को की रूपरेखा।
‘बुलवार जेनेराला कारबिशेवा’ (‘जनरल कारबिशेव बुलेवार्ड’)
स्टेशन के अंदर, यात्रियों को मिलिट्री इंजीनियरों को समर्पित बेस-रिलीफ (उभरी हुई नक्काशी) दिखाई देंगी। दीवारों पर सुनहरे सितारे लगे हैं, जो लेफ्टिनेंट जनरल दिमित्री कार्बीशेव की बहादुरी की याद दिलाते हैं (उन्होंने 'माउथहौसेन' कॉन्सन्ट्रेशन कैंप में अपनी जान गंवाई थी)।