अलेक्सांद्र पूश्किन ने रूसी भाषा को आधुनिक कैसे बनाया?

Gateway to Russia (National Pushkin Museum; OpenAI)
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यह कैसे हो सकता है कि 19वीं सदी की शुरुआत में रहने वाले एक कवि ने आज की रूसी भाषा बनाई, जिसे लोग बोलते हैं? और उनसे पहले क्या था? आइए पता करते हैं…!

अलेक्सांद्र पूश्किन सिर्फ 37 साल जिए, लेकिन उन्होंने इतना बड़ा साहित्यिक काम कर दिया कि आज भी लोग उन्हें याद करते हैं। उन्होंने कविता हो, नाटक हो या उपन्यास – हर चीज़ में कमाल किया।

पूश्किन से पहले, रूसी भाषा के दो रूप थे – एक लिखने का, दूसरा बोलने का।
18वीं सदी की लिखित रूसी बहुत भारी-भरकम और अटपटी थी। जो चीज़ें किताबों में लिखी जातीं, वैसा कोई बातचीत में नहीं बोलता था।

दूसरी तरफ, बोलचाल की रूसी (जो ज्यादातर गाँव के लोग बोलते थे) को निचला और असभ्य समझा जाता था। ज़्यादातर रईस लोग तो फ्रेंच में बात करते थे।

पूश्किन ने दोनों को मिला दिया। ऊपर से, उन्होंने दूसरी भाषाओं के शब्द भी जोड़े। उन्होंने यह इतने अच्छे तरीके से किया कि बोलने और लिखने का एक बिल्कुल नया रूप सामने आया।

यह नई भाषा फिर बाकी लेखकों ने भी इस्तेमाल की। धीरे-धीरे यह आम भाषा बन गई – और आज भी पूश्किन को पढ़ना आसान लगता है!

इसलिए 6 जून को पूश्किन के जन्मदिन के मौके पर रूस में 'रूसी भाषा दिवस' के रूप में मनाया जाता है।