60 सेकंड में सेर्गेई आइज़ेंस्टीन
1. 1906 में पेरिस में उन्होंने पहली बार सिनेमा देखा। उस वक़्त सेर्गेई की उम्र सिर्फ़ आठ साल थी — और उन्होंने जॉर्जेस मेलियेस की फ़िल्में देखीं।
2. आइज़ेंस्टीन ने अपनी मशहूर तकनीक 'मोंटाज ऑफ अट्रैक्शंस' – जो दर्शकों को पूरे वक़्त भावनात्मक रूप से बाँधे रखती है – को पहली बार थिएटर में आज़माया। यह उनके नाटक 'इनफ स्टुपिडिटी इन एवरी वाइज मैन' में था।
3. उनकी फिल्म 'बैटलशिप पोतेमकिन' दुनिया की पहली मॉक्यूमेंट्री है।
इस फिल्म में कैमरा "गतिशील" है – इसे हासिल करने के लिए मूवेबल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। फिल्म की एडिटिंग आइज़ेंस्टीन की तकनीक से की गई: फुटेज को इस अंदाज़ में जोड़ा गया कि नाटकीयता और भावनात्मकता बढ़ जाएँ। फिल्म में रंग भी नज़र आता है — जहाज का झंडा 8mm फिल्म पर हाथ से पेंट किया गया था।
4. 'बैटलशिप पोतेमकिन' कई सालों से अलग-अलग ऑल-टाइम मूवी रैंकिंग में शामिल है और इसे ग्लोबल सिनेमा के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक माना जाता है।
5. आइज़ेंस्टीन की तकनीकें आज भी इस्तेमाल होती हैं: क्लोज़-अप और वाइड शॉट्स के बीच तेज़ी से स्विच करना, और पुरानी लीनियर एडिटिंग की जगह एक नई तकनीक जो दर्शक को पूरी तरह बाँध कर रखती है।