रूस को रूस क्यों कहा जाता है?
हम शायद ही कभी इस बारे में सोचते हैं, लेकिन लगभग हर देश का नाम किसी न किसी चीज़ या किसी व्यक्ति विशेष से जुड़ा होता है – जो समय के साथ अक्सर भुला दिया गया होता है। मिसाल के तौर पर, फ्रांस का नाम फ्रैंक्स से आया – वे जर्मनिक जनजातियाँ जिन्होंने पाँचवीं सदी में उस इलाके को जीत लिया था। और अमेरिका का नाम अमेरिगो वेस्पूची के नाम पर पड़ा – वह इटैलियन यात्री जो न्यू वर्ल्ड में कदम रखने वाले पहले यूरोपियों में से एक था।
अब रूस की क्या कहानी है? सभी इतिहासकार इस बात पर सहमत हैं कि इसका नाम 'Rus' शब्द से आया है। बाइज़ेंटाइन सम्राट कॉन्सटेंटाइन VII ने सबसे पहले स्लाविक जनजातियों की भूमि को दसवीं सदी में 'रुसिया' (Rusia – सिंगल 's' के साथ) कहा। आमतौर पर यूनानी/लैटिन प्रत्यय 'ia' किसी चीज़ या किसी व्यक्ति को किसी भूमि से जोड़ता है, यानी 'Russ-ia' का मतलब हुआ 'रूस (Rus) की भूमि'। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि आज तक कोई नहीं जानता कि आखिर “Russ” का असल में क्या मतलब है।
रूस = स्वीडन?
एक मान्यता के अनुसार, 'रुस' शब्द स्कैंडिनेवियाई भाषाओं से आया है। इसका मतलब है कि प्राचीन रूस के पहले शासक असल में वाइकिंग्स थे, यानी 'वरांजियन'। इतिहासकार वासिली क्लियुचेव्स्की के अनुसार एक 12वीं सदी के इतिहासकार ने कहा – 'वरांजियन ही थे जिन्होंने हमें 'Rus' नाम दिया।'
अगर यह सही है, तो 'रुस' 'स्वीडन' या 'स्वीडिश' के लिए सिर्फ एक दूसरा शब्द है – जैसे उस ज़माने में नॉर्मन्स या वाइकिंग्स कहा जाता था। विदेशियों ने उन स्लाविक जनजातियों को 'Rus' कहना शुरू कर दिया जिन पर वाइकिंग्स का राज था, और यही नाम चल पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि 'Rus' आज के फिनिश शब्द “Ruotsi” (जिसका मतलब स्वीडन है) के करीब है – तो इस तर्क में कुछ दम तो है।
स्लाविक और सरमत धारणाएँ
बेशक, यह राय हर किसी को पसंद नहीं। कई इतिहासकारों के मुताबिक – वरांजियनों ने कभी रूस पर राज नहीं किया, यह सिर्फ एक कहानी है। तो उन्होंने 'Rus' की दूसरी वजह बताई – रोस नदी, जो नीपर में मिलती है (आज यह यूक्रेन में है)। वहाँ कुछ स्लाव रहने लगे, तो लोग उन्हें 'Rosskiye' कहने लगे, और फिर यह 'Russkie' हो गया...
यह सिद्धांत ठीक लग सकता है, लेकिन लिंग्विस्ट नहीं मानते कि 'o' से 'u' बन सकता है – ऐसा लगभग नहीं होता। लेकिन एक और भी अजीब सिद्धांत है – 'Rus' शब्द ‘Roksolani’ से आया, एक सरमत जनजाति जो क्रीमिया में रहती थी। कहते हैं, वे स्लावों में घुल-मिल गए और अपना नाम छोटा करके 'Rus' कर लिया। सच क्या है, कौन जाने – हज़ारों साल बीत चुके हैं।
‘रेड पीपल’ ?
एक और तर्क है कि 'Rus' रोमन शब्द 'ross' से आया, जिसका मतलब 'लाल' होता है। दसवीं सदी के अरब इतिहासकार अल-मसदी ने लिखा – 'बीजान्टिन लोग स्लाव कबीलों को ar-rusiya कहते हैं, मतलब 'लाल'।' यह लाल रंग उनके धूप से तपे चेहरों की वजह से था। जब उत्तर वाले –– दक्षिण जाते थे, तो उनके चेहरे धूप से लाल हो जाते थे। यानी वह 'रेड पीपल ' (Ross) कहलाने लगे। यह बड़ा सुन्दर पहलू है।