इस रूसी कुत्ते ने लगभग 1,500 अपराधों को सुलझाने में मदद की थी!
"इसका नाम 'शरलॉक होम्स' या 'पिंकर्टन' रखा जाना चाहिए था,"
– पत्रकार व्लास डोरोशेविच ने रूसी साम्राज्य के सबसे मशहूर पुलिस कुत्ते – 'ट्रेफ' (डॉबरमैन पिंसर) के बारे में कहा था।
1909 में, 'ट्रेफ' ने सेंट पीटर्सबर्ग की सर्विस डॉग केनेल से शानदार रिजल्ट के साथ ट्रेनिंग पूरी की और तुरंत काम पर लग गया।
पहला केस:
एक अमीर किसान ग्रिशेव की हत्या। कुत्ते ने पीड़ित के शरीर को सूंघा, फिर खाद के ढेर में से खून से सना एक कपड़ा निकाला, जिससे हत्यारे ने हाथ पोंछे थे। फिर उसने उसी गंध का पीछा किया और पुलिस को पड़ोस के गाँव ले गया – सीधे उस घर तक, जहाँ हत्यारा रात बिता रहा था। तब पता चला कि हत्यारे तीन थे। 'ट्रेफ' ने पुलिस का उनके पीछे लगभग 100 किलोमीटर तक पीछा करवाया – आखिरकार उनके सारे सामान के साथ पकड़ लिया गया।
आतंकियों से लेकर लेनिन तक:
'ट्रेफ' ने न सिर्फ अपराधियों, बल्कि आतंकवादियों को भी पकड़ा। एक बार उसने संदिग्धों के घर के पास एक बगीचे में बारूद और बम के पुर्जों से भरा बैरल खोद निकाला।
अखबारों में उसकी खूब चर्चा होती थी, और अपराधियों के बीच उसे 'हेलहाउंड' कहा जाता था। जैसे ही यह खबर फैलती कि 'ट्रेफ' किसी शहर में आ रहा है, वहाँ का अपराध चरमरा जाता था।
1917 के वसंत में, उसने लेनिन को भी खोजने की कोशिश की – जिनपर जर्मनी के लिए जासूसी का शक था। हालाँकि, दो साल बाद 'ट्रेफ' ने "विश्व क्रांति के नेता" पर एहसान कर दिया, जब उसने उन डाकुओं का पता लगाया, जिन्होंने लेनिन की कार पर हमला किया था।
1920 के दशक में, 'ट्रेफ' का मालिक व्लादिमीर दिमित्रिएवगबन के आरोप में फाँसी पर चढ़ा दिया गया। इसके बाद वह कुत्ता किसी और के साथ काम करने को तैयार नहीं हुआ। 'ट्रेफ' ने सेवा से संन्यास ले लिया। उसके बाद उसका इस्तेमाल प्रजनन के लिए किया गया। उसकी संतानों ने भी कमाल कर दिखाया। इनमें सबसे मशहूर था 'बेर' – जिसने चंद सालों में ही 65 अपराध सुलझा दिए।