यह सोवियत गाड़ी ज़मीन फाड़ कर बाहर निकाल सकती थी

Gateway to Russia (Photo: simonidadjordjevic/Getty Images, OpenAI)
Gateway to Russia (Photo: simonidadjordjevic/Getty Images, OpenAI)
'रेडुत' इतनी अच्छी तरह छिप सकता था कि सतह पर बस उसके एयर वेंट ही मुश्किल से दिखाई देते थे।

यह कमाल था 'रेडुत' (Redut) कमांड-स्टाफ वाहन का, जिसे 1970 के दशक के मध्य में डिज़ाइन किया गया था। 11 मीटर लंबा यह मोबाइल कमांड सेंटर दुश्मन के हथियारों से बचने के लिए ज़मीन के अंदर छिप सकता था।

काम ऐसे होता था: पहले एक गड्ढा खोदा जाता था, फिर उसमें 'रेडुत' को उतार दिया जाता था। इसके बाद 39 टन की इस गाड़ी को मिट्टी से ढक दिया जाता था – ऊपर सिर्फ हवा आने-जाने के पाइप (वेंटिलेशन पाइप) दिखते थे।

अंदर वेंटिलेशन और हीटिंग की व्यवस्था थी – जिससे अधिकारी और चालक दल आराम से रह सकते थे। यह गाड़ी करीब 30 मिनट तक ज़मीन के अंदर रह सकती थी, और उतने ही समय में वह खुद को बाहर निकाल लेती थी – बिना किसी दूसरी मशीन की मदद के। हाइड्रोलिक जैक और मिट्टी हटाने वाली व्यवस्था (ग्राउंड रिमूवर) यह काम खुद करते थे।

इस गाड़ी ने कई सैन्य अधिकारियों को प्रभावित किया, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर नहीं बनाया गया – क्योंकि यह प्रोजेक्ट बहुत महंगा समझा गया।

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