रूसी सम्राटों में ‘फ़ैमिली मैन’ कौन था?
रूसी सम्राटों में अलेक्जेंडर III एक अपवाद थे। उन्होंने अपनी पत्नी के अलावा किसी और से संबंध नहीं बनाए और न ही कोई नाजायज़ औलाद थी। ऐसे माहौल में जहाँ बेवफाई आम बात थी और शादियाँ राजनीतिक समझौते होती थीं, उनका पारिवारिक जीवन बेहद खुशहाल लगता है।
हालाँकि, इसकी शुरुआत एक त्रासदी से हुई। 1865 में, रूसी सिंहासन के उत्तराधिकारी त्सारेविच निकोलाई (सम्राट बनने वाले) की चोट के कारण मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु शय्या पर उनकी मंगेतर, डेनिश राजकुमारी दागमार, और उनके भाई अलेक्जेंडर मौजूद थे। मरने वाले निकोलाई ने उन दोनों को आशीर्वाद दिया और उनको एक दूसरे का हाथ थमाया।
एक साल बाद, दागमार को प्रपोज़ करने के लिए अलेक्जेंडर कोपेनहेगन गए। उन्होंने अपने पिता को लिखा:
"मुझे यकीन है कि हम साथ बहुत खुश रह सकते हैं।"
दागमार ने हाँ कह दी। रूस आने पर उन्होंने ऑर्थोडॉक्स धर्म अपना लिया और मारिया फियोदोरोव्ना बन गईं। अक्टूबर 1866 में उनकी शादी हुई।
उनका विवाह 28 साल तक चला। इस दौरान न कोई कॉन्फ्लिक्ट हुआ, न ही कोई अफवाह फैली। लेखक इवान तुर्गेन्येव ने कहा कि मारिया फियोदोरोव्ना और अलेक्जेंडर III का वैवाहिक जीवन "अनुकरणीय और आश्चर्यजनक रूप से सामंजस्यपूर्ण" था।
अलेक्जेंडर अपनी पत्नी को "मेरी प्यारी मिन्नी" कहकर पुकारते थे और अपने पत्रों में बहुत प्यार से बात करते थे। मारिया फियोदोरोव्ना भी उन्हें वैसा ही प्यार देती थीं। उनके छह बच्चे हुए, और उन्हें कला में भी साझा रुचि थी – दोनों का पेंटिंग का कलेक्शन था। उनका यही कलेक्शन बाद में सेंट पीटर्सबर्ग के रूसी संग्रहालय की नींव बना।
1888 में, खार्किव (अब यूक्रेन) के पास शाही परिवार की ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। डाइनिंग कार की छत ढह गई। अलेक्जेंडर III, जो बहुत ताकतवर थे, ने अपने कंधों पर छत को संभाले रखा जब तक मदद नहीं आई। इस भारी बोझ ने उनकी सेहत खराब कर दी – तभी डॉक्टरों ने पहली बार उनकी किडनी की समस्या देखी। 1894 में 49 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई। उसके बाद मारिया फियोदोरोव्ना 34 साल तक जीं और अपनी आखरी साँस तक विधवा बन कर रहीं।