रूस की जातीय समूह: कलमीक लोग

Gateway to Russia (Photo: Grigory Sysoev/Sputnik; Erik Romanenko/TASS; Legion Media; OpenAI)
Gateway to Russia (Photo: Grigory Sysoev/Sputnik; Erik Romanenko/TASS; Legion Media; OpenAI)
रूसी संघ में 190 से ज्यादा जातीय समूह रहते हैं। आज हम बात कर रहे हैं कलमीक लोगों की!

रूस में लगभग 1,80,000 कलमीक रहते हैं, मुख्य रूप से देश के दक्षिणी यूरोपीय हिस्से में स्थित कलमीकिया गणराज्य में। यह मंगोलियाई जातीय समूहों के 'ओइरात' समूह से संबंध रखते हैं। 'कलमीक' का मतलब 'बचे हुए' यानी वो जो मुख्य ओइरात मंगोलों से अलग हो गए थे।

Grigory Sysoev / Sputnik
Grigory Sysoev / Sputnik

कलमीक लोग यूरोप के इकलौते ऐसे जातीय समूह हैं जो तिब्बती बौद्ध धर्म को मानते हैं। कलमीकिया की राजधानी एलिस्ता में स्थित 'बुद्ध शाक्यमुनि का स्वर्ण मंदिर' दुनिया के सबसे बड़े और खूबसूरत बौद्ध मंदिरों में से एक है।

Erik Romanenko / TASS
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कलमीक लोगों के सबसे पसंदीदा शगलों में से एक है उनकी राष्ट्रीय कुश्ती 'बेक बारिल्डन'। इसका वर्णन प्राचीन वीर महाकाव्यों में मिलता है और कवियों ने इसे सराहा है। कलमीकिया में नियमित रूप से 'बेक बारिल्डन' प्रतियोगिताएं होती हैं। ये कभी-कभी मॉस्को में भी आयोजित की जाती हैं।

Erik Romanenko / TASS
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कलमीक व्यंजन का मुख्य व्यंजन है 'मखान शेल्टयान' - आलू और प्याज के साथ बनाया गया भेड़ के मांस का सूप। वहीं, दूध, मक्खन और नमक के साथ बनाई जाने वाली हरी चाय 'जोंबा' भी बहुत लोकप्रिय है। यह न सिर्फ गर्माहट देती है, बल्कि लंबे समय तक पेट भरा हुआ भी रखती है! 

Legion Media
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