रूस की जातीय समूह: तुवान लोग
फिलहाल, रूस में इस तुर्क-भाषी जातीय समूह के लगभग 2,95,000 लोग रहते हैं। उनमें से अधिकांश तुवा गणराज्य में रहते हैं, जो पूर्वी साइबेरिया के दक्षिण में स्थित है और 1944 में USSR का हिस्सा बना। एशिया के विवादित भौगोलिक केंद्रों में से एक यहीं स्थित है।
'खूमेई' – एक विशेष प्रकार का गला से गाना (थ्रोट सिंगिंग) – तुवान लोगों की पहचान है और यह रूस से बाहर भी जाना जाता है। एक ही गायक एक साथ लगातार नीची आवाज़ और मधुर आवाज़ें निकालता है, जिससे एक साथ कई स्वरों (पॉलीफोनी) जैसा प्रभाव पैदा होता है।
'खुरेश' कुश्ती तुवान पुरुषों का राष्ट्रीय शौक है। पहलवान एक-दूसरे से भिड़ते हैं और उन्हें हिलाने या जमीन पर पटकने की कोशिश करते हैं – बिना धक्का दिए या दबाए। जो पहले गिर जाता है या जिसके घुटने पहले जमीन को छूते हैं, वह हार जाता है।
तुवान लोगों को भेड़ का मांस सबसे अधिक पसंद है। वे भेड़ की अंतड़ियों से 'कारा मुन' नामक औषधीय सूप बनाते हैं, उसके खून से 'इज़िग खान' नामक ब्लड सॉसेज, और लिवर से 'सोगाज़ा' नामक शशलिक (बारबेक्यू) बनाते हैं। वहीं, उनका पसंदीदा पेय 'सुत्तुग शाई' है – जो दूध वाली ग्रीन टी है।