रूस के जातीय समूह: ओसेतियन
रूस में करीब 4,85,000 ओसेतियन रहते हैं और इनमें से ज़्यादातर उत्तरी काकेशस के ‘उत्तर ओसेतिया’ गणराज्य में बसे हुए हैं। ईरानी भाषा बोलने वाले इस समुदाय की जड़ें प्राचीन घुमंतू ‘अलान’ लोगों से जुड़ी मानी जाती हैं। दिलचस्प बात यह है कि कई ओसेतियन खुद को आज भी ‘अलान’ कहना पसंद करते हैं और मौजूदा नाम को नहीं अपनाते, क्योंकि इसकी उत्पत्ति जॉर्जियाई भाषा से हुई है।
ज़्यादातर उत्तरी काकेशस समुदायों से अलग, ओसेतियन मुख्य रूप से ऑर्थोडॉक्स ईसाई हैं। उन्हें आधिकारिक तौर पर 916 में बीजान्टिन पादरियों ने ईसाई धर्म में दीक्षित किया था, हालांकि ईसाई धर्म इससे काफी पहले यहां पहुंच चुका था। हालांकि, ओसेतियन समुदाय का लगभग दसवां हिस्सा मुस्लिम भी है।
ओसेतियन वास्तुकला की सबसे खास पहचान हैं उनकी मध्यकालीन पत्थर की मीनारें। इनका इस्तेमाल रहने, सामान रखने और दुश्मनों से बचाव के लिए किया जाता था। परिवार जितना अमीर और प्रभावशाली होता था, उसकी मीनार उतनी ही ऊंची बनाई जाती थी। कुछ मीनारें तो सात मंज़िल तक पहुंचती थीं!
और अगर ओसेतियन खाने की बात हो, तो सबसे पहले नाम आता है उनके मशहूर पाई का। आज ये सिर्फ उत्तर ओसेतिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि काफी लोकप्रिय हो चुके हैं। इनमें ओसेतियन चीज़, बीफ, भेड़ का मांस, पत्तागोभी, कद्दू, बीन्स या आलू की फिलिंग भरी जाती है। बच्चों के लिए मीठी चेरी वाली पाई भी बनाई जाती है।