रूसी महिलाएँ स्टिलेटो हील्स क्यों पहनती हैं?

Getty Images रूसी महिलाएं अक्सर हाई हील्स पहनती हैं।
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नहीं — वो हील्स पहनकर पति ढूँढने नहीं निकलतीं!

जब इटैलियन डिज़ाइनर सल्वातोरे फेरागामो ने फिल्म Some Like It Hot के लिए मैरिलिन मुनरो को स्टिलेटो पंप्स डिज़ाइन किए थे, तो शायद उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि उनकी बनाई हुई हील्स रूस में इतनी पॉपुलर हो जाएँगी।

रूसी महिलाओं के बारे में पूरी दुनिया जानती है—वे खूबसूरत होती हैं और फैशन को बहुत सीरियसली लेती हैं। अक्सर ऐसा लगता है जैसे वो क्रेमलिन में किसी गाला डिनर को जा रही हों, जबकि वे असल में सिर्फ किराना लेने निकली होती हैं। हाई हील्स तो उनकी सबसे पसंदीदा चीज़ों में से एक हैं—और रूस की बर्फीली, फिसलन भरी सड़कों पर भी वे उन्हें कॉन्फिडेंस के साथ पहन लेती हैं। पश्चिम में लोग अक्सर मान लेते हैं कि वे ऐसा “मर्दों को इंप्रेस” करने के लिए करती हैं। तो असली वजह क्या है कि रूसी महिलाएँ हील्स इतनी पसंद करती हैं?

स्टिलेटो चलने का अंदाज़ बेहतर कर देते हैं

Alexey Kudenko / RIA Novosti नोविंस्की बुलेवार्ड पर सड़क पर स्लैब बिछाने का काम चल रहा है।
Alexey Kudenko / RIA Novosti

“मैं रोज़ स्टिलेटो नहीं पहनती, लेकिन हफ्ते में कई बार ज़रूर—सिवाय बहुत तेज़ ठंड के दिनों में,” मॉस्को की PR मैनेजर मारिया कोझेव्निकोवा बताती हैं।
“मुझे ये इसलिए पसंद हैं क्योंकि ये पोस्चर सुधारते हैं, चाल को एलीगेंट बनाते हैं, और चलने की स्पीड भी बढ़ जाती है। अगर बर्फ नहीं हो, तो अंदर-बाहर पहनने में कोई फर्क नहीं लगता।”

सेंट पीटर्सबर्ग की मार्केटिंग मैनेजर वेलेंतीना पाखोमोवा कहती हैं कि हील पहनना भी एक तरह की स्किल है।
“कई बार लड़कियों को बहुत ऊँची हील में लड़खड़ाते देखती हूँ—वो घासफूस पर चलने जैसे लगती हैं। तकलीफ़ होती है और कोई खूबसूरती नहीं दिखती।”

मारिया का कहना है कि असल में कम्फर्ट हील की ऊँचाई से नहीं, बल्कि इनसोल की क्वालिटी से आता है।
“हाँ, पूरे दिन हाई हील्स में रहना शरीर के लिए ठीक नहीं। इसलिए घर पर मेरे आरामदायक स्लीपर्स मेरा इंतज़ार करते हैं।”

हील्स महिलाओं में कॉन्फिडेंस बढ़ाती हैं

Legion Media अलग-अलग स्टडीज़ में दावा किया गया है कि हाई हील्स पहनने वाली महिलाएं ज़्यादा आकर्षक होती हैं।
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“मैं हील्स इसलिए पहनती हूँ क्योंकि इनमें मैं ज़्यादा एलीगेंट लगती हूँ,” मॉस्को की चीफ़ अकाउंटेंट येलेना गुज़ेवा कहती हैं।
“सालों हो गए, अब तो मैं पूरे दिन हील्स में आराम से चलती भी हूँ और ड्राइव भी।”

मारिया के अनुसार, स्टिलेटो बस देखने में ही ज़्यादा आकर्षक लगते हैं।

वेलेंतीना बताती हैं:
“मैं पहले हर वक्त हील्स पहनती थी—यहाँ तक कि बर्फ में भी। मैं थोड़ी चबी थी, और मुझे लगता था कि हील्स से मैं स्लिम लगती हूँ और पैर लंबे दिखते हैं।
फिर मैं सेंट पीटर्सबर्ग शिफ्ट हो गई—यह शहर ही स्लो है, मैं भी धीमी हो गई। लंबी वॉक के लिए हील्स छोड़ने पड़े।
फिर ऑफिस इंडस्ट्रियल एरिया में चला गया, तो हील्स सिर्फ ऑफिस के अंदर पहनती थी।
पहले मुझे फ्लैट जूते अजीब लगते थे, अब कोई फ़र्क नहीं पड़ता। मैं वजन भी कम कर चुकी हूँ, तो खुद को बेवकूफ बनाने की ज़रूरत नहीं।
कुछ समय पहले घुटने में चोट लगी—अब सिर्फ कुछ घंटे ही हील्स पहन सकती हूँ। तो कम्पर्ट ही प्रायोरिटी बन गया।”

क्या हील्स महिलाओं को ज़्यादा आकर्षक बनाती हैं?

Sergey Pyatakov / RIA Novosti यास्नाया पोलियाना म्यूजियम-एस्टेट के परिसर में एक लड़की।
Sergey Pyatakov / RIA Novosti

कई स्टडीज़ कहती हैं कि हाई हील्स में महिलाओं की चाल “ज़्यादा सेक्सी” लगती है और वे देखने में आकर्षक लगती हैं। ज़्यादातर रूसी पुरुष भी मानते हैं कि हील्स महिलाओं को सूट करती हैं—लेकिन सिर्फ तब, जब वो खुद आराम में हों।

मॉस्को के इंजीनियर दिमित्री वोल्कोव कहते हैं:
“हील्स पहनने वाली महिला वाकई ज़्यादा अट्रैक्टिव लग सकती है—अगर जूते भद्दे न हों। लेकिन अगर वह दर्द में चल रही हो और चेहरे पर तकलीफ़ दिख जाए, तो सारा असर खराब हो जाता है। मेरी नज़र में हील्स बस एक ट्रिक है—मर्दों का ध्यान खींचने का तरीका।”

वेलेंतीना इससे इत्तिफाक नहीं रखतीं:
“एक महिला बिना हील्स के भी खूबसूरत हो सकती है। ये कहना कि ‘महिला को हील्स पहननी चाहिए’ — ये बस सेक्सिस्ट सोच है। फेमिनिनिटी जूतों से नहीं आती।”