अंतरिक्ष में जाने वाले कॉस्मोनॉट्स को हथियार क्यों दिए जाते थे?

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मार्च 1965 में, ‘वोसखोद 2’ स्पेसक्राफ्ट का क्रू लैंडिंग की तैयारी कर रहा था, तभी तकनिकी खराबी के चलते उन्हें मैन्युअल रूप से धरती पर उतरना पड़ा।

कॉस्मोनॉट्स पावेल बेल्याएव और अलेक्सेई लियोनोव निर्धारित जगह से हजारों किलोमीटर दूर, बर्फ से ढके ताइगा में उतर गए। वे पूरे एक दिन जंगल में रहे और अपने दम पर टिके रहे। किसी तरह वे वहाँ के खतरनाक जानवरों से बच गए।

इस घटना के 14 साल बाद, 1979 में, लियोनोव ने बताया कि अगर उस समय वोसखोद दल के पास बचाव का कोई हथियार होता, तो वे ज्यादा सहज महसूस करते। इस विचार को मंजूरी मिली और 1982 में अंतरिक्ष यानों के आपातकालीन किट में TP-82 नामक तीन बैरल वाली पिस्तौल शामिल कर ली गई।

Roscosmos/via Globallookpress.com RKK म्यूज़ियम में TP-82 इमरजेंसी किट वाले हथियारों की नई एग्ज़िबिशन लगी है – जिसे कॉस्मोनॉट अलेक्सेई लियोनोव की पहल पर बनाया गया था। यह इवेंट अंतरिक्ष में पहले इंसान के जाने की 55वीं सालगिरह पर रखा गया है।
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तुला के बंदूक बनाने वालों ने एक ऐसा हथियार तैयार किया, जो किसी 'स्विस नाइफ' से कम नहीं था – उससे जंगल में जीवित रहा जा सकता था, जानवरों से बचा जा सकता था और खाना जुटाने में मदद मिल सकती थी। इसमें दो चिकने 12.5 कैलिबर और एक राइफल 5.45 मिमी के बैरल थे, जो बकशॉट, सिग्नल और विस्फोटक कारतूस चला सकते थे। और इसके पिछले हिस्से में एक माचेट भी छिपा हुआ था।

कुल लगभग सौ TP-82 पिस्तौल बनाई गईं – ये 2007 तक अंतरिक्ष यानों और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अनिवार्य किट का हिस्सा थीं, जब तक कि उनके कार्ट्रिज की समाप्ति तिथि खत्म नहीं हो गई हो।