ज़ेलेनोग्रादस्क – 3 रूसी शब्दों में
ये शहर 13वीं सदी में ट्यूटनिक ऑर्डर के शूरवीरों ने बसाया था। 1947 तक इसका नाम क्रांज़ था। आज ये रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र का एक मशहूर रिसॉर्ट है। तो चलो जानते हैं इसकी 3 खास पहचान
1. КУРШСКАЯ КОСА (कुर्शस्काया कोसा)
98 किलोमीटर लंबी ये संकरी रेतीली पट्टी कुरोनियन लैगून को बाल्टिक सागर से अलग करती है। इसका नाम प्राचीन कुरोनियन जनजाति के नाम पर रखा गया। ये ज़ेलेनोग्रादस्क से लिथुआनिया के क्लेपेडा तक फैली हुई है। सुंदरता देखते ही बनती है!
2. КОШКИ (बिल्लियाँ)
ज़ेलेनोग्रादस्क रूस की "बिल्लियों का शहर" है। हर तरफ बिल्लियाँ – दीवारों पर उनके म्यूरल्स, बिक रहे कैट-थीम वाले सूविनियर, और एक पूरा कैट म्यूज़ियम! कहानी है कि बिल्लियों ने एक बार शहर को चूहों से बचाया था, और लोग आज भी उनका एहसान मानते हैं।
3. ВОДОНАПОРНАЯ БАШНЯ (पानी की मीनार)
ये ज़ेलेनोग्रादस्क की सबसे ऊंची और खूबसूरत बिल्डिंग्स में से एक है। 20वीं सदी की शुरुआत में बनी ये 40 मीटर की मीनार, आज एक कैट म्यूज़ियम और ऊपर से देखने के लिए ऑब्जर्वेशन डेक है।