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क्या आप जानते हैं कि मॉस्को क्रेमलिन में लगे सितारे घूमते भी हैं?

Alexey Druzhinin/Anton Denisov/Press Service of the President of the Russian Federation / Sputnik
ये सिर्फ सजावट के लिए नहीं हैं - ये एक टन से भी ज्यादा वजन वाले सितारे मौसम का हाल बताते हैं!

मॉस्को क्रेमलिन के मशहूर रूबी सितारे सिर्फ सजावट नहीं हैं। तेज़ हवा वाले दिन अगर ध्यान से देखें, तो आप इन्हें घूमते हुए भी देख सकते हैं — और यह तब, जब इनका वजन एक टन से भी ज़्यादा है!

करीब एक सदी से ये सितारे क्रेमलिन की मीनारों की शान बने हुए हैं। इन्होंने शाही दौर के दोमुंहे गरुड़ की जगह ली थी और बाद में सोवियत रूस की पहचान बन गए।

Abrill_ / Getty Images

इन सितारों का पहला वर्ज़न 1935 में क्रेमलिन की मीनारों पर लगाया गया था। उस समय ये स्टील और तांबे से बने थे और रंग-बिरंगे रत्नों से सजाए गए थे।
लेकिन मौसम की मार से ये जल्दी खराब होने लगे। इसलिए 1937 में उनकी जगह रूबी ग्लास से बने नए सितारे लगाए गए।

इन पांचों सितारों का वजन एक टन से भी ज़्यादा है और इनका आकार 3 से 3.75 मीटर तक है। इनके अंदर खास बियरिंग लगाए गए हैं, जो इन्हें घूमने देते हैं। अब सवाल ये है — आखिर इन्हें घूमने लायक बनाया ही क्यों गया?

Alexey Druzhinin/Anton Denisov/Press Service of the President of the Russian Federation / Sputnik

दरअसल, ये सितारे मौसम बताने वाले वेदर वेन की तरह काम करते हैं। हवा की दिशा के साथ घूमकर ये तेज़ तूफानी हवाओं का सामना कर पाते हैं।

इतनी ऊंचाई पर हवा का दबाव बहुत ज़्यादा होता है। लेकिन सोवियत इंजीनियरों ने ऐसा शानदार डिज़ाइन बनाया कि सितारा खुद ही ऐसी स्थिति में घूम जाता है, जहां हवा का असर सबसे कम हो जाए।