मॉस्को से जुड़े 5 दिलचस्प और चौंकाने वाले तथ्य
1. मॉस्को में दुनिया की सबसे ज़्यादा लाइब्रेरी हैं
मॉस्को के नाम एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है — यहाँ 500 से ज़्यादा लाइब्रेरी हैं। इन्हीं में से एक है रशियन स्टेट लाइब्रेरी, जिसके पास यूरोप का सबसे बड़ा किताबों का संग्रह है। यहाँ 4.8 करोड़ से ज़्यादा किताबें, रिसर्च पेपर, जर्नल और मैगज़ीन हैं। दुनिया में यह दूसरी सबसे बड़ी लाइब्रेरी है। पहले नंबर पर अमेरिका की लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस है, जहाँ करीब 16.4 करोड़ किताबें और दस्तावेज़ हैं।
2. मॉस्को में मूस (एल्क) भी रहते हैं
मॉस्को में सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि जंगली सूअर और मूस भी रहते हैं। ये सब रहते हैं ‘मूस आइलैंड’ नेशनल पार्क में।
खास बात यह है कि यह पार्क शहर की सीमा के अंदर ही है और यहाँ टाइगा जंगलों जैसे पेड़-पौधे और जानवर पाए जाते हैं। पार्क के अंदर घूमने के लिए कई रास्ते हैं। थोड़ी-सी फीस देकर आप यहाँ टहल सकते हैं और मॉस्को के पास की असली, प्राकृतिक दुनिया को देख सकते हैं।
यहाँ एक मूस बायोलॉजिकल स्टेशन भी है, जहाँ लोग मूस के बारे में काफ़ी कुछ सीख सकते हैं।
3. क्रेमलिन एक बड़े कब्रिस्तान का हिस्सा है
1917 की बोल्शेविक क्रांति के बाद पहली बार क्रेमलिन की दीवारों के पास सामूहिक दफन किया गया था। आज यहाँ कई बड़े सरकारी नेता, सैन्य अधिकारी और यहाँ तक कि कुछ विदेशी लोग भी दफन हैं, जिन्होंने कम्युनिस्ट विचारधारा के विकास में योगदान दिया।
इनमें अमेरिकी लेखक जॉन रीड और जापान की कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक सेन कातायामा भी शामिल हैं।
आज क्रेमलिन नेक्रोपोलिस में 115 अस्थि-कलश (urns) रखे हैं। यहाँ का सबसे प्रसिद्ध स्थान है लेनिन का मकबरा, जहाँ आज भी कम्युनिस्ट क्रांति के नेता व्लादिमीर लेनिन का संरक्षित शरीर रखा हुआ है।
वैसे, क्रेमलिन को दुनिया के सबसे बड़े म्यूज़ियम्स में से एक भी माना जाता है। इसका क्षेत्रफल करीब 28 हेक्टेयर है।
4. मॉस्को मेट्रो में स्टेशन अलग-अलग आवाज़ों में घोषित होते हैं — वजह भी खास है
मॉस्को मेट्रो में स्टेशनों की घोषणा पुरुष और महिला — दोनों आवाज़ों में होती है। जब ट्रेन शहर के बाहर से सिटी सेंटर की ओर जाती है या रिंग लाइन में घड़ी की दिशा में चलती है, तब पुरुष आवाज़ सुनाई देती है। जब ट्रेन सेंटर से बाहर की ओर जाती है या उल्टी दिशा में चलती है, तब महिला आवाज़ आती है। यह सिस्टम खास तौर पर दृष्टिहीन (आँखों से कमज़ोर) लोगों की मदद के लिए बनाया गया है, ताकि वे दिशा आसानी से समझ सकें।
5. मॉस्को से पानी के रास्ते आर्कटिक महासागर तक पहुँचा जा सकता है
मॉस्को से श्वेत सागर तक नियमित टूरिस्ट क्रूज़ चलते हैं। व्हाइट सी, आर्कटिक महासागर का हिस्सा है।
मॉस्कवा नदी, वोल्गा नदी प्रणाली का हिस्सा है, जो रूस की सबसे बड़ी नदी प्रणालियों में से एक है। इसी वजह से आप पानी के रास्ते रूस के उत्तर-पश्चिमी हिस्से को पार कर सकते हैं। एक तरफ का सफ़र तय करने में आमतौर पर 6–7 दिन लगते हैं। कई बार यह क्रूज़ सिर्फ व्हाइट सी तक ही नहीं, बल्कि वहाँ स्थित सोलोवेत्स्की द्वीपों तक भी जाता है।