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रूस के इतिहास के 7 मशहूर रत्न, जिनकी अपनी कहानी है

Kira Lisitskaya (Photo: Magnific; Yuri Somov, Sergey Pyatakov, Vladimir Vdovin, Evgeny Odinokov/Sputnik)
मॉस्को के डायंड फंड में कई अनोखे रत्न सुरक्षित रखे गए हैं। इनमें से सात को ऐतिहासिक रत्न माना जाता है। ये कभी शाही ताज और राजचिह्नों का हिस्सा रहे और रूस के बड़े ऐतिहासिक पलों के “गवाह” भी बने।

1. ‘ओरलोव’ हीरा

Evgeny Odinokov / Sputnik

इस हीरे का नाम काउंट ग्रिगोरी ओरलोव के नाम पर रखा गया। उन्होंने 1773 में महारानी कैथरीन महान को उनके नाम दिवस पर यह हीरा भेंट किया था। हालांकि, इतिहासकारों का मानना है कि इसकी असली कीमत महारानी ने राज्य के खजाने से चुकाई थी। इसकी कीमत उस समय 4 लाख रूबल थी — जो उस दौर में एक हैरतअंगेज रकम मानी जाती थी। कैथरीन ने 189.6 कैरेट के इस हीरे को अपने राजदंड में जड़वाने का आदेश दिया।

महारानी कैथरीन द ग्रेट।
Tver gallery

सोवियत खनिज वैज्ञानिक अलेक्ज़ांडर फेर्समान ने इसकी गहराई से जांच के बाद कहा था कि यह असल में भारत के मशहूर ‘ग्रेट मुगल’ हीरे का दोबारा तराशा गया रूप हो सकता है। यह हीरा 1650 में मिला था और भारत में खोजा गया सबसे बड़ा हीरा माना जाता है। इसका मूल वजन 787 कैरेट था!

Evgeny Odinokov / Sputnik

2. ‘शाह’ हीरा

Vladimir Vdovin / Sputnik

1829 में फारस के एक राजकुमार ने यह अनोखा हीरा सम्राट निकोलस प्रथम को भेंट किया था। यह घटना तेहरान में रूसी दूतावास पर हमले और लेखक-राजनयिक अलेक्ज़ांडर ग्रिबोएदोव की हत्या के बाद हुई थी।हालांकि, इतिहासकार मानते हैं कि यह रत्न असल में 1829 की ‘तुर्कमंचाय संधि’ के तहत रूस को दी गई क्षतिपूर्ति का हिस्सा था।

Владимир Вдовин / Sputnik

88.7 कैरेट का यह हीरा तराशा नहीं गया, बल्कि सिर्फ पॉलिश किया गया है। इसने अपनी लंबी क्रिस्टल जैसी मूल आकृति बरकरार रखी है। माना जाता है कि यह 15वीं सदी के मध्य में भारत में मिला था। इस पर तीन शासकों के नाम भी खुदे हुए हैं।

3. पोर्ट्रेट हीरा

Yuri Somov / Sputnik

डायमंड फंड में 19वीं सदी का एक सोने का कंगन रखा है, जिसमें बेहद दुर्लभ भारतीय शैली का हीरा जड़ा हुआ है। ऐसे हीरों को ‘पोर्ट्रेट डायमंड’ कहा जाता था, क्योंकि इन्हें अक्सर छोटी तस्वीरों के ऊपर लगाया जाता था। इस खास हीरे में सम्राट अलेक्ज़ांडर प्रथम की तस्वीर है। इसका वजन 25 कैरेट है।

4. ग्रेट इम्पीरियल क्राउन का स्पिनेल

Sergei Pyatakov / Sputnik

1762 में महारानी कैथरीन द्वितीय के लिए बने ग्रेट इम्पीरियल क्राउन में 398.72 कैरेट का दुर्लभ लाल स्पिनेल लगा है। माना जाता है कि यह रत्न 18वीं सदी की शुरुआत में चीन से रूस पहुंचा था। उस समय जौहरी इसे माणिक समझते थे। लेकिन सोवियत काल में जांच के बाद पता चला कि यह स्पिनेल है।

5. कोलंबियाई पन्ना

Sputnik

136.25 कैरेट का यह रत्न ‘ग्रीन क्वीन’ के नाम से मशहूर है। इसे 16वीं सदी में कोलंबिया में खोजा गया था। माना जाता है कि स्पेनिश विजेता इसे यूरोप लेकर आए थे।

यह पन्ना एक ब्रोच का मुख्य हिस्सा है, जिसके चारों तरफ फूलों की तरह जड़े हीरे लगे हैं। यह आभूषण ग्रैंड डचेस अलेक्ज़ांड्रा इयोसिफोव्ना का था।

6. सीलोन नीलम

Yuri Somov / Sputnik

1862 में सम्राट अलेक्ज़ांडर द्वितीय ने लंदन की विश्व प्रदर्शनी से यह प्राचीन सीलोन नीलम अपनी पत्नी मारिया अलेक्ज़ांद्रोव्ना के लिए खरीदा था।

260 कैरेट का यह नीलम दुनिया के सबसे बड़े नीलमों में गिना जाता है। इसकी कटिंग भी बेहद खास है — इसमें 100 से ज़्यादा पहलू हैं, जो इसके रंग को और गहरा बना देते हैं।

7. पेरिडॉट (क्राइसोलाइट)

TASS

इस सूची का आखिरी रत्न दुनिया के सबसे बड़े तराशे गए पेरिडॉट में से एक है। इसका वजन 192 कैरेट से ज़्यादा है। यह लाल सागर के ज्वालामुखीय द्वीप ज़ेबेर्गेद से आया था। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि यही वह “पन्ना” था, जिसके ज़रिए रोमन सम्राट नीरो ने जलते हुए रोम को देखा था।

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