रूसी चित्रकारों की नज़र में शादी
शादी हमेशा से रूसी चित्रकारों के लिए एक खास विषय रही है। गाँव की सादी शादी हो या अमीर रईस परिवार की भव्य रस्में — इन पलों में कलाकारों को समाज, भावनाएँ और इंसान की गहराई सब दिखाई देता था। रूसी चित्रों में शादी सिर्फ खुशी या त्योहार नहीं थी — इसमें ड्रामा, परंपरा और रिश्तों की जटिलता सब कुछ झलकता है।
फिर्स झुराव्ल्योव – “विवाह से पहले” (1874)
कॉन्स्टेंटिन माकोव्स्की – “विवाह के लिए” (1890)
इलारियोन प्र्यानिश्निकोव – “शाफर (साक्षी) का इंतज़ार” (1891)
व्लादिमीर माकोव्स्की – “विवाह की विदाई” (1894)
वासिली पुकीरेव – “असमान विवाह” (1862)
इलिया रेपिन – “निकोलस द्वितीय और एलेक्ज़ांद्रा फ्योदरोव्ना की शादी” (1894)
आंद्रे रयाबुश्किन – “17वीं सदी में मॉस्को की शादी की बारात” (1901)
अलेक्ज़ांद्र बुचकुरी – “शादी की बारात” (1912)
बोरिस कुस्तोदिएव – “शादी का भोज” (1917)
फिर्स झुराव्ल्योव – “विवाह के बाद” (1874)
यूरी पिमेनोव – “कल की सड़क पर शादी” (1962)