रूस में जापानी पुलिस की ज़रूरत कब और क्यों पड़ती है?

Kira Lisitskaya (Photo: master1305, Yagi Studio, klyaksun, Keystone-France/Gamma-Keystone via Getty Images)
Kira Lisitskaya (Photo: master1305, Yagi Studio, klyaksun, Keystone-France/Gamma-Keystone via Getty Images)
अगर आप आस-पास किसी को पुलिसवाले को बुलाते हुए सुनें – और वो भी कोई पुलिसवाला नहीं, बल्कि ‘उगते सूरज की धरती’ से – तो पुलिसवाले के आने की उम्मीद न करें। बस इतना जान लें कि वह व्यक्ति किसी बात से बहुत हैरान था, शायद शॉक भी लगा हो।

जब कोई रूस में 'जापानी पुलिसवाले' को पुकारे, तो समझ जाइए...!

रूसी भाषा में "यापोंस्की गोरोदोवोय!" (जापानी पुलिसवाला!) कहना हैरानी या झल्लाहट जताने का एक अजीबोगरीब तरीका है। इसकी कहानी बहुत दिलचस्प है।

ऐसा क्यों?
1891 में, भावी ज़ार निकोलस द्वितीय जापान के दौरे पर थे। तभी एक जापानी पुलिसकर्मी, त्सुदा सांजो, ने अचानक उन पर तलवार से हमला कर दिया!

तब क्या हुआ?
निकोलस बच गए, लेकिन उनके सिर पर चोट आई। यह घटना इतनी अप्रत्याशित और डरावनी थी कि इसने रूसी जनमानस पर गहरी छाप छोड़ी।

शब्द का सफर:
इस झटके भरी घटना के बाद, "जापानी पुलिसवाला" हैरान कर देने वाली किसी भी चीज़ के लिए एक मुहावरा बन गया। आज, यह गाली का एक हल्का विकल्प है, जिसे लोग तब बोलते हैं जब वे कुछ देखकर अचंभित रह जाते हैं या गुस्सा होते हैं।

तो अगली बार कोई रूसी 'जापानी पुलिस' को पुकारे, तो समझ जाइएगा!