रूस और ब्रिटेन के राष्ट्रगानों में क्या समानता है?

Yuri Kochetkov / Sputnik
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रूस का पहला आधिकारिक राष्ट्रगान 1816 में अपनाया गया था और उसका नाम था ‘Молитва русских’ (रूसियों की प्रार्थना)। इसकी शुरुआत इन शब्दों से होती थी: “ईश्वर ज़ार (सम्राट) की रक्षा करें...”। कवि वासिली झूकोव्स्की के लिखे इन शब्दों को जिस धुन पर रखा गया था, वह थी... ब्रिटेन के राष्ट्रगान ‘God Save the King’ की धुन।

यह फैसला भले ही असामान्य लगे, लेकिन उस समय इसके पीछे एक तर्क था। 1815 में रूस, ग्रेट ब्रिटेन, प्रशिया और ऑस्ट्रिया ने मिलकर पवित्र गठबंधन (होली एलायंस) बनाया था। इन देशों ने सोचा कि उन्हें एक साझा राष्ट्रगान की आवश्यकता है। इसलिए उन्होंने पुराने ब्रिटिश राष्ट्रगान ‘God Save the King’ को चुना।

अगले पूरे 17 वर्षों तक, सम्राट की मौजूदगी वाले आधिकारिक समारोहों में यही ब्रिटिश धुन बजाई जाती रही। लेकिन सम्राट निकोलस प्रथम, जो बाद में अपने भाई अलेक्ज़ेंडर प्रथम के उत्तराधिकारी बने, इस विचार से खास प्रभावित नहीं थे। ऑस्ट्रिया और प्रशिया की यात्रा के दौरान जब उन्होंने एक बार फिर वही धुन सुनी, तो उन्होंने कहा:
“कई वर्षों से बजाई जा रही अंग्रेज़ी धुन सुनना अब उबाऊ हो गया है...”

bildagentur-online/uig / Getty Images
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1833 में संगीतकार अलेक्सेई ल्वोव ने एक नई धुन तैयार की और ज़ूकोव्स्की ने नए बोल लिखे। इस तरह ‘Боже, Царя храни!’ (ईश्वर ज़ार की रक्षा करे!) नाम से एक नया राष्ट्रगान बना, जो 1917 की बोल्शेविक क्रांति तक रूस का राष्ट्रगान रहा। इसके बाद इसकी जगह... फ्रांस के राष्ट्रगान ने ले ली।

मार्च 1917 से जनवरी 1918 तक, ‘La Marseillaise’ रूस का आधिकारिक राष्ट्रगान रहा। इसे इतिहासकार और दार्शनिक प्योत्र लावरोव द्वारा किए गए रूसी अनुवाद के साथ गाया जाता था। शुरुआत में मूल फ्रांसीसी धुन का उपयोग किया गया, लेकिन जल्द ही संगीतकार अलेक्सांद्र ग्लाज़ुनोव द्वारा तैयार किए गए नए संगीत संयोजन में इसे प्रस्तुत किया जाने लगा।

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