क्यों सिखाई गई थी अलेक्सांदर प्रथम की बड़ी बहन को रूसी?

Gateway to Russia (Photo: Landesmuseum Württemberg; Created by Google Gemini)
Gateway to Russia (Photo: Landesmuseum Württemberg; Created by Google Gemini)
शाही दरबार की मुख्य भाषा बिल्कुल अलग थी।

ग्रैंड डचेस येकातेरीना पावलोव्ना (1788–1819), सम्राट अलेक्सांदर प्रथम की बहन, अपने समय की सबसे शिक्षित और राजनीतिक रूप से सक्रिय महिलाओं में से एक थीं। प्रोफेसर क्राफ्ट ने उन्हें गणित पढ़ाया, अकादमिशियन वॉन स्टॉर्च ने अर्थशास्त्र और कलाकार एलेक्सी येगोरोव ने उन्हें पेंटिंग सिखाई। समकालीनों के अनुसार ग्रैंड डचेस बहुत तेज़ और निडर थीं — उनमें झिझक नाम की कोई चीज़ नहीं थी। और जिस साहस और कौशल से वह घोड़े की सवारी करती थीं, वह पुरुषों में भी ईर्ष्या पैदा कर सकता था। लेकिन रूसी भाषा सीखने में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी, खासकर उस उम्र में जब भाषा सीखना आसान नहीं होता।

State Museum of Württemberg, Stuttgart फ्रांसीसी आर्टिस्ट जीन-बैप्टिस्ट इज़ाबे द्वारा निर्मित पोर्ट्रेट मिनिएचर, वियना, 1814–1815
State Museum of Württemberg, Stuttgart

1808 में, फ्रांस के विदेश मंत्री चार्ल्स मौरिस डी तैलेराँ-पेरिगॉर्ड ने सम्राट अलेक्सांदर प्रथम को सुझाव दिया कि वह उनकी बहन शादी नेपोलियन से करवा दें। राजकुमारी ने न सिर्फ इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया — बल्कि आगे चलकर वह देशभक्ति की प्रतीक बनीं और 1812 में नेपोलियन के खिलाफ युद्ध में रूसी मिलिशिया की संस्थापक बनीं।

Tver Regional Art Gallery अलेक्सांदर प्रथम का पोर्ट्रेट — एस. शचुकिन द्वारा
Tver Regional Art Gallery

1809 की शरद ऋतु में, येकातेरीना पावलोव्ना अपने पति, प्रिंस जॉर्ज ऑफ ओल्डेनबर्ग के साथ त्वेर चली गईं। प्रिंस को वहाँ का गवर्नर-जनरल नियुक्त किया गया था। ग्रैंड डचेस भी सक्रिय थीं और उन्होंने एक राष्ट्रवादी आंदोलन की कमान संभाली। उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में, दरबार में फ्रेंच भाषा का बोलबाला था, जबकि रूसी को आम लोगों की भाषा माना जाता था। उन्होंने महसूस किया कि उनके काम के लिए रूसी भाषा बहुत ज़रूरी है और उन्होंने प्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक निकोलाई करमज़िन को पत्र लिखकर पढ़ाने का अनुरोध किया।

Tsarskoye Selo ओरेस्ट किप्रेंस्की। प्रिंस जॉर्जी पेत्रोविच (पीटर फ्रेडरिक जॉर्ज) ऑफ ओल्डेनबर्ग का पोर्ट्रेट
Tsarskoye Selo

करीब 1810 की सर्दी से इन पाठों की शुरुआत हुई। मुख्य काम विदेशी लेखकों की किताबों का रूसी में अनुवाद करना था। करमज़िन उनका रिव्यू करते थे, जिससे राजकुमारी अपने राइटिंग स्किल को बेहतर कर सकती थीं और अपनी शब्दावली को बढ़ा सकती थीं। आगे चलकर यह पाठ एक गहरी मित्रता में बदल गए — यह उनके बीच हुए पत्र-व्यवहार से ज़ाहिर होती है।

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